Triveni Sahitya
रविवार, 17 फ़रवरी 2013
pariyaba evam bhakti dham men
परियाबा
में
परियाबा में सम्मान ग्रहण करते हुए मार्तंड
देश के कोने कोने से आए हुए साहित्यकार
आगे सर्व प्रथम रघुनाथ मिश्र
परिचर्चा में वक्तव्य रखते हुए एक विद्वान
वक्तव्य रखते हुए भगवान प्रसाद
वक्तव्य रखते हुए श्यामलाल उपाध्याय
वक्तव्य रखते हुए एक विद्वान
वक्तव्य रखते हुए एक विद्वान
रघुनाथ
मिश्र , पीछे लखवीर सिंह
निर्दोष
1 टिप्पणी:
राजीव गुप्ता
20 फ़रवरी 2013 को 9:35 pm बजे
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